‘पैमाना’ (PAIMANA) पोर्टल
मुख्य बिंदु (Quick Glance)
पूर्ण नाम (Full Form): परियोजना मूल्यांकन, अवसंरचना निगरानी और राष्ट्र निर्माण के लिए विश्लेषण (Project Appraisal, Infrastructure Monitoring and Analysis for Nation building - PAIMANA)
नोडल मंत्रालय: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI)
पात्रता सीमा: ₹150 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली सभी केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाएं (Central Sector Infrastructure Projects)
पूर्ववर्ती प्रणाली: इसने 18 वर्ष पुरानी OCMS-2006 (Online Computerized Monitoring System) को प्रतिस्थापित किया है।
प्रमुख विशेषताएं एवं संरचना
| घटक | विवरण |
| प्रणाली का स्वरूप | केंद्रीकृत, सुरक्षित एवं वेब-आधारित राष्ट्रीय डिजिटल डैशबोर्ड। |
| डेटा सिद्धांत | ‘वन डेटा, वन एंट्री’ (One Data, One Entry): अन्य प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग टूल्स (जैसे गति शक्ति, प्रगति आदि) के साथ डेटा इंटीग्रेशन, जिससे डेटा डुप्लीकेशन रुकता है। |
| हितधारक समन्वय | 20 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, आर्थिक कार्य विभाग (DEA) और निष्पादन एजेंसियों के बीच रियल-टाइम डेटा साझाकरण। |
| निगरानी का दायरा | परियोजना की समय-सीमा (Time Overrun) और लागत वृद्धि (Cost Overrun) का विश्लेषण एवं पूर्व-चेतावनी संकेत। |
रणनीतिक महत्व (Civil Services Exam Perspective)
जवाबदेही और पारदर्शिता: बड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं में देरी के कारण होने वाली वित्तीय हानि को न्यूनतम करना।
अंतर-मंत्रालयी गतिरोध समाधान: भूमि अधिग्रहण, वन/पर्यावरण मंजूरी जैसी बाधाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित निवारण।
नीतिगत निर्णय: राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के लक्ष्यों के अनुरूप अवसंरचना निष्पादन को गति देना।
प्रश्न (UPSC मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र III):
"सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं में समय और लागत की अधिकता (Time and Cost Overrun) राजकोषीय दक्षता को बाधित करती है। विश्लेषण कीजिए कि हाल ही में शुरू किया गया ‘पैमाना’ (PAIMANA) पोर्टल इस समस्या के समाधान में किस प्रकार सहायक सिद्ध हो सकता है।" (150 शब्द, 10 अंक)
मॉडल उत्तर
भारत में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में प्रशासनिक प्रक्रियाओं, अंतर-मंत्रालयी समन्वय के अभाव और भूमि अधिग्रहण जैसी बाधाओं के कारण अक्सर समय और लागत में भारी वृद्धि देखी जाती है, जो पूंजीगत व्यय की उत्पादकता को प्रभावित करती है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा शुरू किया गया ‘पैमाना’ (PAIMANA) पोर्टल ₹150 करोड़ और उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक आधुनिक तकनीकी हस्तक्षेप है:
'वन डेटा, वन एंट्री' सिद्धांत: यह अन्य डेटा पोर्टलों के साथ एकीकृत होकर डेटा के दोहरेपन को समाप्त करता है और रियल-टाइम सूचना साझाकरण सुनिश्चित करता है।
सक्रिय जोखिम पहचान (Predictive Monitoring): पारंपरिक OCMS-2006 की तुलना में यह पोर्टल डेटा एनालिटिक्स के आधार पर समय-सीमा और लागत वृद्धि के पूर्व-संकेत प्रदान करता है।
अंतर-मंत्रालयी समन्वय: 20 से अधिक मंत्रालयों, विभागों तथा आर्थिक कार्य विभाग को एक मंच पर लाकर नियामकीय मंजूरियों के गतिरोधों को त्वरित रूप से सुलझाता है।
जवाबदेही और पारदर्शिता: परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रदर्शन की स्पष्ट ट्रैकिंग से प्रशासनिक उत्तरदायित्व सुनिश्चित होता है।
निष्कर्ष: ‘पैमाना’ पोर्टल केवल एक रिपोर्टिंग टूल न होकर अवसंरचनात्मक शासन में संरचनात्मक सुधार है, जो ‘पीएम गति शक्ति’ और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्प्रेरक का कार्य करेगा।