कारगिल से पहलगाम तक: भारत की सुरक्षा नीति का नया अध्याय
26 वर्षों में बदलती रणनीति और सैन्य शक्ति का विश्लेषण
✍️ Suryavanshi IAS द्वारा
🔍 भूमिका
26 जुलाई 2025 — कारगिल विजय की 26वीं वर्षगांठ — लेकिन इस बार यह सिर्फ अतीत की याद नहीं है, बल्कि एक नई सैन्य सफलता 'ऑपरेशन सिंदूर' की पृष्ठभूमि में आई है।
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1999: कारगिल युद्ध — भारत की पारंपरिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन
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2025: पहलगाम आतंकी हमला और भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया — ऑपरेशन सिंदूर
यह ब्लॉग इन दोनों घटनाओं के बीच की रणनीतिक यात्रा को समझाता है, और UPSC के दृष्टिकोण से सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण, आतंकवाद से निपटने की नीति, और विदेश नीति का विश्लेषण करता है।
❄️ कारगिल युद्ध (1999): एक चेतावनी
🔹 पृष्ठभूमि:
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पाकिस्तानी घुसपैठियों ने करगिल की ऊँचाइयों पर कब्ज़ा किया
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भारत ने ऑपरेशन विजय के तहत उन्हें खदेड़ दिया
🔍 मुख्य सबक:
| क्षेत्र | सीख |
|---|---|
| परमाणु संतुलन | परमाणु हथियारों के बावजूद सीमित युद्ध संभव है |
| खुफिया विफलता | घुसपैठ की समय रहते जानकारी नहीं मिली |
| लॉजिस्टिक्स की कमी | सैनिकों के पास उच्च पर्वतीय युद्ध का सामान नहीं था |
| सामूहिक रणनीति की कमी | तीनों सेनाओं और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय कमजोर था |
| वैश्विक समर्थन | 9/11 से पहले, पाकिस्तान के खिलाफ समर्थन सीमित था |
🛠️ कारगिल के बाद किए गए सुधार
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Defence Intelligence Agency (2002)
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National Technical Research Organisation (2004)
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NSA की नियुक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की मजबूती
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Cold Start Doctrine (तेज़ और सीमित जवाबी हमला)
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Chief of Defence Staff (CDS, 2019)
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Integrated Theatre Commands की प्रक्रिया शुरू
💥 ऑपरेशन सिंदूर (2025): आतंक के विरुद्ध भारत का नया चेहरा
🔥 घटना:
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22 अप्रैल 2025: पहलगाम में आतंकियों द्वारा 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या
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7–10 मई 2025: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत करारा जवाब दिया:
✅ 9 आतंकी ठिकाने तबाह
✅ 11 पाकिस्तानी सैन्य एयरबेस नष्ट
✅ नूर खान बेस पर ब्रह्मोस मिसाइल हमला — परमाणु हथियार भंडारण क्षतिग्रस्त
✅ पाकिस्तान ने सीज़फायर की अपील की
📊 कारगिल बनाम पहलगाम: तुलना
| पहलू | कारगिल (1999) | पहलगाम (2025) |
|---|---|---|
| खतरे की प्रकृति | सैन्य घुसपैठ | नागरिकों पर आतंकी हमला |
| प्रतिक्रिया | सीमा पर पारंपरिक युद्ध | सीमापार सटीक और आक्रामक हमला |
| वैश्विक स्थिति | सीमित समर्थन | आतंक के खिलाफ वैश्विक सहमति |
| संदेश | क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा | आतंक का स्रोत नष्ट करना |
| रणनीतिक असर | सैन्य सुधार की शुरुआत | आतंक के विरुद्ध नई नीति की स्थापना |
🇮🇳 भारत की नीति में बदलाव: रक्षात्मक से आक्रामक
⚔️ कारगिल के बाद:
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सेना का आधुनिकीकरण
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पर्वतीय युद्ध की तैयारी
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खुफिया तंत्र की मजबूती
🛡️ उरी, पुलवामा और अब पहलगाम के बाद:
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Proactive Doctrine — पहले वार करो
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सर्जिकल स्ट्राइक (2016), एयर स्ट्राइक (2019), ऑपरेशन सिंदूर (2025)
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आतंक का जवाब सैन्य भाषा में
📘 UPSC दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बिंदु
| विषय | प्रासंगिकता |
|---|---|
| राष्ट्रीय सुरक्षा | GS Paper III — आतंरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन |
| विदेश नीति | GS Paper II — भारत-पाक संबंध, पड़ोसी पहले नीति |
| खुफिया सुधार | NSA, DIA, NTRO जैसे संस्थानों की भूमिका |
| Make in India | आत्मनिर्भर सैन्य हथियार निर्माण |
| आतंकवाद नीति | निबंध, साक्षात्कार — भारत का बदला हुआ रुख |
📝 अभ्यास प्रश्न (UPSC Mains)
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"कारगिल ने भारत की पारंपरिक सैन्य क्षमता को परिभाषित किया, जबकि पहलगाम ने आतंकवाद के विरुद्ध नए युग की शुरुआत की।" – स्पष्ट करें।
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"भारत की सुरक्षा नीति में अब ‘रणनीतिक धैर्य’ की जगह ‘रणनीतिक जवाब’ ने ले ली है। विश्लेषण करें।
🔚 निष्कर्ष: सुरक्षा का नया युग
भारत अब वह देश नहीं है जो सिर्फ बयान देता है।
कारगिल ने हमें हमारी कमजोरियों का एहसास कराया, और पहलगाम ने दिखाया कि भारत अब ताकत से जवाब देने में सक्षम है।
✨ अब भारत की नीति साफ है:
👉 “आतंक होगा तो जवाब ज़रूर मिलेगा — वो भी सटीक और निर्णायक।”
✍️ Suryavanshi IAS द्वारा — UPSC के लिए समर्पित रणनीतिक विश्लेषण श्रृंखला
📘 विशेष फोकस: GS-II, GS-III, निबंध और सुरक्षा नीति
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