Monday, August 4, 2025

प्रश्न: "सियांग जलविद्युत परियोजना भारत के रणनीतिक हितों के लिए आवश्यक हो सकती है, किंतु यह आदिवासी अधिकारों और पर्यावरणीय संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण है।" टिप्पणी करें।

 

प्रश्न: "सियांग जलविद्युत परियोजना भारत के रणनीतिक हितों के लिए आवश्यक हो सकती है, किंतु यह आदिवासी अधिकारों और पर्यावरणीय संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण है।" टिप्पणी करें।


परिचय:
सियांग ऊपरी बहुउद्देश्यीय परियोजना (Siyang Upper Multipurpose Project - SUMP) अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित एक 11,500 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना है। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और चीन की यारलुंग त्संगपो (Yarlung Tsangpo) पर मेडोग हाइड्रोपावर स्टेशन जैसी गतिविधियों के संदर्भ में रणनीतिक महत्व रखती है। परंतु, इससे आदिवासी समुदायों के विस्थापन और पर्यावरणीय असंतुलन की गंभीर आशंकाएं भी जुड़ी हुई हैं।


रणनीतिक हितों से संबंधित पक्ष:

  1. चीन की चुनौतियों का जवाब:
    चीन द्वारा तिब्बत में यारलुंग त्संगपो पर 60,000 मेगावाट की मेडोग परियोजना से डाउनस्ट्रीम देशों (भारत, बांग्लादेश) को पानी की उपलब्धता, बाढ़ और सूखे की अनिश्चितता का खतरा है।
    → सियांग परियोजना को भारत द्वारा "Defensive Infrastructure" के रूप में देखा जा रहा है।

  2. ऊर्जा सुरक्षा:
    यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाकर भारत के बिजली संकट को दूर कर सकती है।

  3. रणनीतिक उपस्थिति:
    सीमावर्ती क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से भारत की सैन्य और नागरिक उपस्थिति सुदृढ़ होती है, जिससे सुरक्षा हितों को मजबूती मिलती है।


आदिवासी अधिकारों पर प्रभाव:

  1. विस्थापन और आजीविका:
    अनुमानतः 27 गांव जलमग्न होंगे और लगभग 1.5 लाख आदिवासी, विशेषकर आदि जनजाति के सदस्य, विस्थापित होंगे।

  2. PESA और अनुसूचित जनजाति अधिकार:
    पंचायती राज (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA Act) के अंतर्गत ग्राम सभाओं की अनुमति और भागीदारी आवश्यक है, लेकिन स्थानीय नेताओं पर दबाव डालकर सहमति ली जा रही है — जो कानून की भावना के विरुद्ध है।

  3. सांस्कृतिक स्थानों का ह्रास:
    आदि जनजातियों के पूज्य स्थल और पारंपरिक सांस्कृतिक केंद्र जलमग्न हो सकते हैं, जिससे उनकी सांस्कृतिक विरासत पर संकट उत्पन्न होगा।


पर्यावरणीय संतुलन पर प्रभाव:

  1. जैव विविधता की हानि:
    सियांग घाटी में जैव विविधता समृद्ध है; परियोजना से वन क्षेत्र और पारिस्थितिक तंत्र प्रभावित होंगे।

  2. भूकंपीय क्षेत्र:
    अरुणाचल प्रदेश ज़ोन 5 में स्थित है, जो उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाला क्षेत्र है। बड़े डैम ऐसे क्षेत्रों में जोखिमपूर्ण हो सकते हैं।

  3. EIA प्रक्रिया की चुनौतियाँ:
    Environmental Impact Assessment (EIA) की प्रक्रिया को स्थानीय सहभागिता और पारदर्शिता की कमी के कारण आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।


निष्कर्ष:
सियांग परियोजना भारत के रणनीतिक हितों की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवश्य हो सकती है, परंतु इससे जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मुद्दों को दरकिनार करना नीति और संविधान के आदर्शों के विरुद्ध है। अतः इस परियोजना को आगे बढ़ाने से पूर्व स्थानीय सहभागिता, पारदर्शिता, और संवेदनशील पर्यावरणीय योजना की आवश्यकता है ताकि रणनीतिक सुरक्षा और मानवाधिकारों के बीच संतुलन स्थापित हो सके।


उत्तर लेखन हेतु सुझाव हेतु प्रमुख बिंदु:

  • रणनीतिक हित बनाम सांस्कृतिक संरक्षण

  • पर्यावरणीय नीति बनाम आर्थिक विकास

  • PESA और Forest Rights Act (FRA) का उल्लेख

  • Ethics के दृष्टिकोण से "free, prior, and informed consent" (FPIC)

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