भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM)
भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई राज्यों में 12 प्रमुख सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों (semiconductor manufacturing units) को मंजूरी दी है, जिससे ₹1.64 लाख करोड़ से अधिक का कुल निवेश आकर्षित हुआ है।
इन परियोजनाओं को दो प्राथमिक श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
सेमीकंडक्टर फैब्स (Fabrication): ये वे संयंत्र हैं जो वास्तविक सिलिकॉन वेफर्स और सर्किट का निर्माण करते हैं।
ATMP / OSAT (असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग): ये वे सुविधाएं हैं जो कच्चे सिलिकॉन वेफर्स को लेती हैं, उन्हें काटती हैं, सुरक्षात्मक केसिंग में पैक करती हैं और अंतिम उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए उनका परीक्षण करती हैं।
1. सेमीकंडक्टर फैब्स (वेफर विनिर्माण) / Semiconductor Fabs (Wafer Manufacturing)
| कंपनी / संयुक्त उद्यम (Company / JV) | संयंत्र का स्थान (Location) | प्रौद्योगिकी और नोड्स (Technology) | वर्तमान स्थिति (Status) |
| टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (PSMC, ताइवान के साथ) | धोलेरा, गुजरात | मेगा सिलिकॉन फैब: ऑटोमोटिव, पावर मैनेजमेंट और डिस्प्ले ड्राइवरों के लिए परिपक्व लॉजिक नोड्स (28nm और उससे ऊपर)। | उन्नत निर्माण चरण; पहला सिलिकॉन आउटपुट 2027-2028 तक लक्षित। |
| टावर सेमीकंडक्टर और अदाणी ग्रुप | तलोजा, मुंबई, महाराष्ट्र | सिलिकॉन फैब: एनालॉग और मिक्स्ड-सिग्नल लॉजिक वेफर्स पर ध्यान केंद्रित। | स्वीकृत परियोजना, कार्य प्रगति पर। |
| क्रिस्टल मैट्रिक्स | धोलेरा, गुजरात | इंटीग्रेटेड कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब और पैकेजिंग इकोसिस्टम। | केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत परियोजना। |
| SCL मोहाली (सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी) | मोहाली, पंजाब | संप्रभु रणनीतिक फैब: एयरोस्पेस, इसरो (ISRO) और रक्षा के लिए चिप निर्माण में विशेषज्ञता। | वर्तमान में चालू (Operational); पुनर्गठन ढांचे के तहत आधुनिकीकरण जारी। |
2. ATMP / OSAT सुविधाएं (पैकेजिंग और परीक्षण) / ATMP & OSAT Facilities
| कंपनी / संयुक्त उद्यम (Company / JV) | संयंत्र का स्थान (Location) | विशेषज्ञता / क्षमता (Specialization) | वर्तमान स्थिति (Status) |
| माइक्रोन टेक्नोलॉजी | साणंद, गुजरात | मेमोरी डिवाइस पैकेजिंग (DRAM और NAND चिप्स)। | चालू (Operational); 2026 की शुरुआत में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू। |
| टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (TSAT) | मोरीगाँव / जागीरोड, असम | मैच्योर लॉजिक नोड्स और डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स के लिए बंपिंग, फ्लिप-चिप पैकेजिंग। | चालू (Operational); 2026 में वाणिज्यिक उत्पादन क्षमताएं शुरू। |
| CG सेमी (रेनेसास, जापान और स्टार्स, थाईलैंड के साथ) | साणंद, गुजरात | विशिष्ट ऑटोमोटिव-ग्रेड और औद्योगिक-ग्रेड चिप पैकेजिंग। | चालू (Operational); 2026 के मध्य में आधिकारिक तौर पर उद्घाटन। |
| कायन्स सेमीकॉन | साणंद, गुजरात | औद्योगिक, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), और स्मार्ट उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स चिप पैकेजिंग। | चालू (Operational); 2026 की शुरुआत में वाणिज्यिक चरण शुरू। |
| HCL–फॉक्सकॉन JV | जेवर (YEIDA), उत्तर प्रदेश | डिस्प्ले ड्राइवर माइक्रोचिप्स पर लक्षित विशिष्ट OSAT इकाई। | फरवरी 2026 में भूमि पूजन पूरा; निर्माण कार्य जारी। |
| सुचि सेमीकॉन | सूरत, गुजरात | सामान्य वाणिज्यिक OSAT इकोसिस्टम। | स्वीकृत परियोजना, कार्य प्रगति पर। |
| SicSem और 3D ग्लास सॉल्यूशंस | भुवनेश्वर, ओडिशा | AI, 5G और उन्नत टेलीकॉम तकनीक के लिए उन्नत 3D हेटेरोजेनियस पैकेजिंग। | 2026 में भूमि पूजन चरण पूरा। |
3. भारत में उभरते हुए प्रमुख सेमी-क्लस्टर / Major Semi-Clusters Emerging in India
भौगोलिक दृष्टि से, देश में चार विशिष्ट सेमीकंडक्टर हब उभर रहे हैं:
गुजरात क्लस्टर (साणंद और धोलेरा): यहाँ इकोसिस्टम पूंजी का अधिकतम संकेंद्रण है, जिसमें माइक्रोन, टाटा फैब, सीजी सेमी और कायन्स शामिल हैं।
असम हब (मोरीगाँव): यह पूरी तरह से टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के मेगा असेंबली फुटप्रिंट द्वारा संचालित है।
दक्षिणी/पूर्वी हब (ओडिशा और आंध्र प्रदेश): यह विशेष रूप से माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक असेंबली और 3D पैकेजिंग सिस्टम पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उत्तरी बेल्ट (उत्तर प्रदेश और पंजाब): डिस्प्ले इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जेवर (UP) और सैन्य अनुप्रयोगों के लिए मोहाली (पंजाब) में केंद्रित है।
यह विशाल विनिर्माण ढांचा सरकार की सेमीकॉन 2.0 नीति (Semicon 2.0 Policy) द्वारा समर्थित है, जिसमें रासायनिक, मशीन, गैस और डिजाइन मूल्य श्रृंखलाओं को सब्सिडी देने के लिए ₹1,27,500 करोड़ का दीर्घकालिक बजट आवंटित किया गया है।
No comments:
Post a Comment