राष्ट्रीय खेल पुरस्कार : 2025
भारत में खेल उत्कृष्टता, खेल संस्कृति के विकास और कोचों तथा खेल प्रोत्साहन से जुड़ी संस्थाओं को सम्मानित करने के लिए दिए जाने वाले राष्ट्रीय खेल पुरस्कार सर्वोच्च पुरस्कार हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा एवं प्रारंभिक परीक्षा के संदर्भ में प्रासंगिकता
GS Paper II (शासन एवं नीतियां): खेल विकास नीतियां, संस्थागत ढांचा, युवाओं का सशक्तिकरण और खेल प्रशासन।
GS Paper IV (नीतिशास्त्र व सत्यनिष्ठा): खेल भावना (Sportsmanship), अनुशासन, नैतिक नेतृत्व और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा।
प्रारंभिक परीक्षा (Current Affairs): पुरस्कारों की श्रेणियां, पात्रता मानदंड, चयन समिति का गठन और प्रमुख विजेता।
प्रमुख बिंदु एवं संरचना (राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025)
मंत्रालय: युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports).
चयन समिति अध्यक्ष: न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्र (भारत के उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश)।
आवेदन प्रक्रिया: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्व-आवेदन (Self-nomination) व्यवस्था।
पुरस्कार श्रेणियां एवं पात्रता मानदंड
1. अर्जुन पुरस्कार (Arjuna Award)
उद्देश्य: पिछले 4 वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन के प्रदर्शन के लिए।
पुरस्कार राशि/प्रतीक: ₹15 लाख की नकद राशि, कांस्य प्रतिमा और प्रमाण पत्र।
प्रमुख 2025 प्राप्तकर्ता:
एथलेटिक्स: तेजस्विन शंकर, मुहम्मद अजमल वी, प्रियंका गोस्वामी
बैडमिंटन: त्रिशा जॉली, पुल्लेला गायत्री गोपीचंद
शतरंज: विदित संतोष गुजराती, दिव्या जितेंद्र देशमुख
हॉकी: लालरेमसियामी, राजकुमार पाल
कबड्डी: सुरजीत, पूजा
पैरा-स्पोर्ट्स: रुद्रांश खंडेलवाल (पैरा-शूटिंग), एकता भायन (पैरा-एथलेटिक्स)
मुक्केबाजी व निशानेबाजी: नरेंद्र (बॉक्सिंग), धनुष श्रीकांत (बधिर निशानेबाजी), अखिल श्योरान (निशानेबाजी)
नौकायन: अरविंद सिंह
2. अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम)
उद्देश्य: सेवानिवृत्त खिलाड़ियों को जिन्होंने अपने सक्रिय करियर के बाद भी खेल को बढ़ावा देने में अमूल्य योगदान दिया।
2025 प्राप्तकर्ता: श्री आई अरुमइनायागम (फुटबॉल)।
3. द्रोणाचार्य पुरस्कार (Dronacharya Award)
उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता तैयार करने वाले उत्कृष्ट प्रशिक्षकों (Coaches) के लिए।
पुरस्कार राशि: नियमित श्रेणी के लिए ₹10 लाख; लाइफटाइम श्रेणी के लिए ₹15 लाख।
नियमित श्रेणी (2025):
परवीर सिंह (एथलेटिक्स)
छोटे लाल यादव (मुक्केबाजी)
नेहा नंदकुमार चव्हाण (निशानेबाजी)
लाइफटाइम श्रेणी (2025):
धर्मेन्द्र सिंह यादव (मुक्केबाजी)
वीरेन्दर कुमार (कुश्ती)
4. राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार
उद्देश्य: खेल के बुनियादी ढांचे, प्रतिभा खोज और खेल संवर्धन में योगदान देने वाले कॉर्पोरेट (सार्वजनिक/निजी) और गैर-सरकारी संगठनों को मान्यता देना।
2025 प्राप्तकर्ता: आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न (MCQ)
प्रश्न: राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
अर्जुन पुरस्कार पिछले 4 वर्षों की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाता है।
द्रोणाचार्य पुरस्कार केवल सक्रिय एथलीटों को ही दिया जाता है।
राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों की कॉर्पोरेट संस्थाओं को दिया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1
(B) केवल 1 और 3
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2 और 3
उत्तर: (B)
मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains Question)
प्रश्न: "भारत में अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रतिभा पर नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और समग्र प्रोत्साहन तंत्र पर निर्भर करती है।" हाल ही में घोषित राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों और खेल नीतियों (जैसे खेलो इंडिया, TOPS) के आलोक में विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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