यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) रिपोर्ट 2025-26: मुख्य बिंदु एवं विश्लेषण
यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) 2025-26 रिपोर्ट भारत में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढाँचे, नामांकन, समावेशन और संसाधनों के वितरण पर आधारित एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित तस्वीर पेश करती है।
1. प्रमुख तथ्य एवं समग्र परिदृश्य (Fact-Sheet)
जारीकर्ता: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL), शिक्षा मंत्रालय।
शुरुआत: वर्ष 2018-19 (डेटा-आधारित नीति निर्माण एवं NEP 2020 की निगरानी हेतु)।
कुल कवरेज:
स्कूल: 14.67 लाख
शिक्षक: 1.03 करोड़
छात्र: 24.72 करोड़
औसत अनुपात:
प्रति स्कूल औसत शिक्षक: 7
प्रति स्कूल औसत छात्र: 169
समग्र छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR): 24:1 (NEP 2020 की 30:1 की मानक सीमा के भीतर)।
2. मुख्य निष्कर्ष (Key Analytical Indicators)
A. सकल नामांकन अनुपात (GER) एवं चरणवार वितरण
सेकंडरी चरण GER: सुधरकर 71.7% हुआ।
मिडिल चरण GER: 89.6% के उच्च स्तर पर बरकरार।
चरणवार नामांकन हिस्सेदारी:
सेकंडरी: 27.16% | प्रेपरेटरी: 25.60% | मिडिल: 25.58% | फाउंडेशन: 21.66%
B. छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) की चरणवार स्थिति
फाउंडेशन स्तर: 10:1
प्रेपरेटरी स्तर: 12:1
मिडिल स्तर: 17:1
सेकंडरी स्तर: 21:1
C. प्रतिधारण (Retention), संक्रमण (Transition) एवं ड्रॉपआउट दरें
ड्रॉपआउट दर: प्रेपरेटरी स्तर पर घटकर 1.8% और सेकंडरी स्तर पर 7.0% रह गई (मिडिल स्तर पर 3.6% दर्ज)।
प्रतिधारण (Retention) दर: फाउंडेशन (98.5%), प्रेपरेटरी (91.1%), मिडिल (83.7%), सेकंडरी (51.9%)।
संक्रमण (Transition) दर: फाउंडेशन से प्रेपरेटरी (99.2%), प्रेपरेटरी से मिडिल (93.8%), मिडिल से सेकंडरी (88.3%)।
एकल शिक्षक व शून्य नामांकन स्कूल:
एकल शिक्षक वाले स्कूल घटकर 1,00,843 (लगभग 3% की कमी) हुए।
शून्य-नामांकन (Zero Enrollment) वाले स्कूल 29% घटकर 5,663 रह गए।
D. लैंगिक एवं सामाजिक समावेशन (Gender & Social Inclusion)
लैंगिक संतुलन: कुल नामांकन में छात्राओं की भागीदारी 48.4%; महिला शिक्षकों का अनुपात 54.9%।
सामाजिक वर्ग हिस्सेदारी:
OBC: 44.9%
सामान्य वर्ग: 27.5%
SC: 17.7%
ST: 10.0% (SC + ST कुल: 27.7%)
CWSN (विशेष ज़रूरतों वाले बच्चे): 57.16% लड़के और 42.84% लड़कियाँ।
E. भौतिक एवं डिजिटल अवसंरचना (Infrastructure Growth)
डिजिटल पहुँच: कंप्यूटर सुविधा (69.9% स्कूल) एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी (67.4% स्कूल)।
बुनियादी सुविधाएँ:
स्वच्छ पेयजल: 99.5% | बालिका शौचालय: 98.5% | बालक शौचालय: 97.2%
हाथ धोने की सुविधा: 96.9% | विद्युत आपूर्ति: 95.0%
लाइब्रेरी/पुस्तकालय: 90.5% | रैंप (हैंडरेल सहित): 58.2% | वर्षा जल संचयन (RWH): 29.9%
3. परीक्षा उपयोगी अभ्यास प्रश्न (UPSC / UPPCS Focus)
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न (Prelims Practice MCQ):
प्रश्न. यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) 2025-26 रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
राष्ट्रीय स्तर पर कुल स्कूली छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) 24:1 है, जो NEP 2020 के 30:1 के मानक के अनुकूल है।
कुल नामांकित छात्रों में बालिकाओं की हिस्सेदारी 50% से अधिक दर्ज की गई है।
देश के 95% से अधिक विद्यालयों में विद्युत आपूर्ति तथा बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b) (कथन 2 गलत है क्योंकि बालिकाओं का नामांकन 48.4% है, जबकि 54.9% महिला शिक्षक हैं।)
मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains Practice Question):
"यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) रिपोर्ट 2025-26 के निष्कर्ष राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों—सार्वभौमिक पहुँच, समानता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा—की प्राप्ति में साक्ष्य-आधारित शासन (Data-driven Governance) की भूमिका को किस प्रकार रेखांकित करते हैं? समावेशन और अवसंरचनात्मक प्रगति के आलोक में समीक्षा कीजिए।" (250 शब्द / 15 अंक)
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