Monday, August 17, 2026

यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) रिपोर्ट 2025-26: मुख्य बिंदु एवं विश्लेषण

 

यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) रिपोर्ट 2025-26: मुख्य बिंदु एवं विश्लेषण

यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) 2025-26 रिपोर्ट भारत में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढाँचे, नामांकन, समावेशन और संसाधनों के वितरण पर आधारित एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित तस्वीर पेश करती है।

1. प्रमुख तथ्य एवं समग्र परिदृश्य (Fact-Sheet)

  • जारीकर्ता: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL), शिक्षा मंत्रालय।

  • शुरुआत: वर्ष 2018-19 (डेटा-आधारित नीति निर्माण एवं NEP 2020 की निगरानी हेतु)।

  • कुल कवरेज:

    • स्कूल: 14.67 लाख

    • शिक्षक: 1.03 करोड़

    • छात्र: 24.72 करोड़

  • औसत अनुपात:

    • प्रति स्कूल औसत शिक्षक: 7

    • प्रति स्कूल औसत छात्र: 169

    • समग्र छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR): 24:1 (NEP 2020 की 30:1 की मानक सीमा के भीतर)।

2. मुख्य निष्कर्ष (Key Analytical Indicators)

A. सकल नामांकन अनुपात (GER) एवं चरणवार वितरण

  • सेकंडरी चरण GER: सुधरकर 71.7% हुआ।

  • मिडिल चरण GER: 89.6% के उच्च स्तर पर बरकरार।

  • चरणवार नामांकन हिस्सेदारी:

    • सेकंडरी: 27.16% | प्रेपरेटरी: 25.60% | मिडिल: 25.58% | फाउंडेशन: 21.66%

B. छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) की चरणवार स्थिति

  • फाउंडेशन स्तर: 10:1

  • प्रेपरेटरी स्तर: 12:1

  • मिडिल स्तर: 17:1

  • सेकंडरी स्तर: 21:1

C. प्रतिधारण (Retention), संक्रमण (Transition) एवं ड्रॉपआउट दरें

  • ड्रॉपआउट दर: प्रेपरेटरी स्तर पर घटकर 1.8% और सेकंडरी स्तर पर 7.0% रह गई (मिडिल स्तर पर 3.6% दर्ज)।

  • प्रतिधारण (Retention) दर: फाउंडेशन (98.5%), प्रेपरेटरी (91.1%), मिडिल (83.7%), सेकंडरी (51.9%)।

  • संक्रमण (Transition) दर: फाउंडेशन से प्रेपरेटरी (99.2%), प्रेपरेटरी से मिडिल (93.8%), मिडिल से सेकंडरी (88.3%)।

  • एकल शिक्षक व शून्य नामांकन स्कूल:

    • एकल शिक्षक वाले स्कूल घटकर 1,00,843 (लगभग 3% की कमी) हुए।

    • शून्य-नामांकन (Zero Enrollment) वाले स्कूल 29% घटकर 5,663 रह गए।

D. लैंगिक एवं सामाजिक समावेशन (Gender & Social Inclusion)

  • लैंगिक संतुलन: कुल नामांकन में छात्राओं की भागीदारी 48.4%; महिला शिक्षकों का अनुपात 54.9%

  • सामाजिक वर्ग हिस्सेदारी:

    • OBC: 44.9%

    • सामान्य वर्ग: 27.5%

    • SC: 17.7%

    • ST: 10.0% (SC + ST कुल: 27.7%)

  • CWSN (विशेष ज़रूरतों वाले बच्चे): 57.16% लड़के और 42.84% लड़कियाँ।

E. भौतिक एवं डिजिटल अवसंरचना (Infrastructure Growth)

  • डिजिटल पहुँच: कंप्यूटर सुविधा (69.9% स्कूल) एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी (67.4% स्कूल)।

  • बुनियादी सुविधाएँ:

    • स्वच्छ पेयजल: 99.5% | बालिका शौचालय: 98.5% | बालक शौचालय: 97.2%

    • हाथ धोने की सुविधा: 96.9% | विद्युत आपूर्ति: 95.0%

    • लाइब्रेरी/पुस्तकालय: 90.5% | रैंप (हैंडरेल सहित): 58.2% | वर्षा जल संचयन (RWH): 29.9%

3. परीक्षा उपयोगी अभ्यास प्रश्न (UPSC / UPPCS Focus)

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न (Prelims Practice MCQ):

प्रश्न. यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) 2025-26 रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. राष्ट्रीय स्तर पर कुल स्कूली छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) 24:1 है, जो NEP 2020 के 30:1 के मानक के अनुकूल है।

  2. कुल नामांकित छात्रों में बालिकाओं की हिस्सेदारी 50% से अधिक दर्ज की गई है।

  3. देश के 95% से अधिक विद्यालयों में विद्युत आपूर्ति तथा बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 1 और 3

(c) केवल 2 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b) (कथन 2 गलत है क्योंकि बालिकाओं का नामांकन 48.4% है, जबकि 54.9% महिला शिक्षक हैं।)

मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains Practice Question):

"यूडीआईएसईप्लस (UDISE+) रिपोर्ट 2025-26 के निष्कर्ष राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों—सार्वभौमिक पहुँच, समानता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा—की प्राप्ति में साक्ष्य-आधारित शासन (Data-driven Governance) की भूमिका को किस प्रकार रेखांकित करते हैं? समावेशन और अवसंरचनात्मक प्रगति के आलोक में समीक्षा कीजिए।" (250 शब्द / 15 अंक)

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